देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक परिवार पर ऐसा दुख टूटा है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए रूसी मिसाइल हमले में देवरिया के 22 वर्षीय सीमैन अभिषेक निषाद की मौत हो गई। इस खबर के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है।
अभिषेक अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही पिता कौशल निषाद बेसुध हो गए, जबकि मां अनीता देवी बार-बार यही कह रही हैं, “कोई मेरा बेटा वापस ला दो।” दोनों बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी बहन का कहना है कि अब वह किसकी कलाई पर राखी बांधेगी।
अभिषेक ने इंटरमीडिएट के बाद मर्चेंट नेवी में जाने का सपना देखा था। आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने करीब साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज लेकर बेटे को प्रशिक्षण दिलाया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अभिषेक तुर्की की ‘गोल्डन लिओ’ नामक शिप पर सीमैन के रूप में कार्यरत था। जहाज यूक्रेन से सामान लेकर सीरिया जा रहा था, तभी ओडेसा बंदरगाह पर हुए रूसी हमले में उसकी जान चली गई।
परिजनों के अनुसार, घर से निकलते समय अभिषेक ने पिता से कहा था कि वह अपनी बड़ी बहन की शादी धूमधाम से कराएगा और नया घर भी बनवाएगा। लेकिन उसके सभी सपने अधूरे रह गए।
अभिषेक के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद मिलनसार और मेहनती युवक था। उसने कुछ दिन पहले वीडियो कॉल पर बमबारी का जिक्र करते हुए डर भी जताया था।
जिला प्रशासन ने परिवार से संपर्क कर भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी के माध्यम से अभिषेक का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
