लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप की हत्या: 10 साल पुराने ड्राइवर ने किया कत्ल, नहर में फेंका शव

लखनऊ | 31 अगस्त 2026

लखनऊ में प्रॉपर्टी और ट्रांसपोर्ट कारोबारी तथा महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में उनके करीब 10 साल पुराने ड्राइवर रवि तिवारी की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे उन्नाव की जमीन से जुड़ा विवाद और साजिश में संपत्ति व नकद रकम का लालच प्रमुख कड़ियां हैं।

पुलिस के अनुसार धीरेंद्र प्रताप सिंह शनिवार को लखनऊ से लापता हुए थे। उनकी पत्नी ममता सिंह ने ड्राइवर और उसके साथियों पर अपहरण का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान रवि तिवारी से पूछताछ की गई तो उसके बयानों में विरोधाभास मिले। बाद में पुलिस पूछताछ में उसने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर रविवार शाम दुबग्गा क्षेत्र की शारदा सहायक नहर से धीरेंद्र का शव बरामद किया गया। शव पर गोली लगने के निशान मिले थे।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में रवि ने बताया कि धीरेंद्र को पहले बेहोश किया गया और फिर गोली मारकर हत्या की गई। इसके बाद शव को फॉर्च्यूनर से दुबग्गा क्षेत्र में ले जाकर नहर में फेंक दिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किया है।

जांच का एक अहम पहलू मोबाइल फोन भी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जांच को गुमराह करने के लिए धीरेंद्र के मोबाइल को दूसरी जगह भेजने की कोशिश की। मोबाइल की लोकेशन अलग-अलग स्थानों पर मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ कि फोन को जानबूझकर घटनास्थल से दूर ले जाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार फोन से ऐसे संदेश भी भेजे गए, जिससे यह लगे कि धीरेंद्र खुद कहीं चले गए हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि रवि को कथित तौर पर हत्या के बदले मकान, दुकान और नकद रकम देने का लालच दिया गया था। पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों और कथित जमीन विवाद की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। अभी मामले में सामने आई कई बातें जांच का हिस्सा हैं और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

इस हत्याकांड ने सबसे बड़ा सवाल भरोसे को लेकर खड़ा किया है—जिस व्यक्ति पर वर्षों तक कारोबारी ने विश्वास किया, वही कथित तौर पर साजिश का हिस्सा बन गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश किसने रची, इसमें कितने लोग शामिल थे और जमीन विवाद की वास्तविक भूमिका क्या थी।

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