किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के कथित धर्मांतरण और लव जिहाद मामले में एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी समेत कई विभागों में महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को कथित तौर पर प्रेमजाल में फंसाकर उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। साथ ही धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं।एसटीएफ रिपोर्ट में गांधी वार्ड, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों और डॉक्टरों की भूमिका का जिक्र किया गया है।
कई विभागों के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, गांधी वार्ड में तैनात नर्सिंग स्टाफ नफीस और फुरकान पर महिला सहकर्मियों के उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के आरोप हैं। वहीं, पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक पर जूनियर महिला डॉक्टर को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने तथा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।इसी तरह माइक्रोबायोलॉजी विभाग के शफात अली खान पर एक युवती से छेड़छाड़ और निकाह का दबाव बनाने के आरोप हैं। शिकायत का विरोध करने पर युवती की संविदा समाप्त कर नौकरी से हटाए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।
विरोध करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी का आरोप
रेडियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रिजवान पर भी साथी शिक्षार्थी को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप है।
एसटीएफ रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत करने वाली महिलाओं को विभागीय स्तर पर करियर खत्म करने की धमकी दी जाती थी। यहां तक कि उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कराने की साजिश रचने के आरोप भी सामने आए हैं।फिलहाल इस मामले में एसटीएफ की रिपोर्ट में सामने आए आरोपों ने KGMU प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हलचल बढ़ा दी है। मामले में आरोपों की पुष्टि और संबंधित लोगों की जवाबदेही जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
