दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच OpenAI ने ChatGPT की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला किया है। अब ChatGPT पर हथियारों, सुरक्षा प्रणालियों और हिंसक गतिविधियों से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी हासिल करना पहले के मुकाबले मुश्किल होगा। कंपनी खासतौर पर किशोरों यानी टीनएजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए सेफ्टी फीचर्स लागू करने जा रही है।
OpenAI के मुताबिक, नए नियमों के तहत हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी देने पर सख्त पाबंदी होगी। यहां तक कि सामान्य दिखने वाले सवालों के जरिए भी ऐसी जानकारी हासिल नहीं की जा सकेगी, जिसका इस्तेमाल किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए हो सकता है।
कंपनी ने हिंसक बातचीत को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अगर कोई यूजर लगातार किसी को नुकसान पहुंचाने या हिंसा से जुड़ी बातचीत करता है, तो ChatGPT उस चैट सेशन को अपने आप बंद कर सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर यूजर का अकाउंट अस्थायी रूप से निलंबित भी किया जा सकता है।
इतना ही नहीं, इतिहास में हुए बड़े सामूहिक हमलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों पर भी नियंत्रण बढ़ाया जाएगा। इनमें इस्तेमाल किए गए हथियारों और उन्हें हासिल करने के तरीकों का विस्तृत विवरण शामिल है।
OpenAI ने बताया है कि ये बदलाव अगले कुछ हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।
दरअसल, AI प्लेटफॉर्म पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में सवाल उठ रहे हैं। Common Sense Media की एक रिपोर्ट में भी किशोरों की संवेदनशील बातचीत के दौरान पैरेंट्स को समय पर अलर्ट मिलने को लेकर चिंता जताई गई थी।
ऐसे में OpenAI का यह कदम AI के सुरक्षित इस्तेमाल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
