लखनऊ में बाढ़ का कहर! 34 नए डेंगू मरीज मिले, नवरात्र में चंद्रिका देवी मंदिर बंद

Lucknow: लखनऊ में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। पिछले 15 दिनों से शहर के कई इलाके जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। खबर के मुताबिक, बाढ़ से पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा परेशानी फैजुल्लागंज क्षेत्र में देखने को मिल रही है, जहां हजारों घर पानी में डूबे हुए हैं। कई कॉलोनियों में सड़कों पर नाव चल रही हैं, जबकि घरों के बाहर खड़ी कारें और बाइकें पानी में डूबी हुई हैं।

बाढ़ के कारण लोगों के सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। घरों में रखा राशन खराब हो रहा है और कई परिवारों को अपना घर छोड़कर किराए के मकानों में शरण लेनी पड़ रही है। फैजुल्लागंज की मंगल कॉलोनी में बिजली की समस्या के चलते पीने के पानी का संकट भी गहरा गया है। लोगों को दूर-दराज से बाल्टियों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है।

इस प्राकृतिक संकट के बीच धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। जलभराव के कारण मां चंद्रिका देवी धाम मंदिर बंद है। नवरात्र के दौरान मंदिर बंद होने से श्रद्धालुओं को मां के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे असाधारण स्थिति बताया जा रहा है। हालांकि, गोमती नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।

वहीं, बारिश थमने के बाद शहर में डेंगू के मामले भी बढ़ने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में 34 नए मरीज मिलने की खबर है। लोहिया संस्थान, केजीएमयू और बलरामपुर अस्पताल सहित प्रमुख अस्पतालों में डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हैं और पुलिस भी हालात पर नजर बनाए हुए है।

अब जरूरत है कि प्रभावित परिवारों तक स्वच्छ पेयजल, भोजन, दवाएं और राहत सामग्री तेजी से पहुंचाई जाए, ताकि बाढ़ और संक्रामक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके।

 

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