दिल्ली: आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही देश की प्रमुख बजट एयरलाइन स्पाइसजेट की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी GST विभाग ने कंपनी को करीब 125 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया है। विभाग का आरोप है कि एयरलाइन ने कई महीनों से GST रिटर्न समय पर दाखिल नहीं किए हैं और लगातार नियमों का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही स्पाइसजेट का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक GST अधिकारियों ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि लंबित रिटर्न और अन्य जरूरी अनुपालनों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने CGST और SGST अधिनियम 2017 की धारा 62 के तहत उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर प्रोविजनल असेसमेंट किया, जिसके बाद यह टैक्स डिमांड तय की गई।

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 के लिए 44.44 करोड़ रुपये, दिसंबर 2025 के लिए 43.79 करोड़ रुपये, जनवरी 2026 के लिए 12.19 करोड़ रुपये, फरवरी 2026 के लिए 12.10 करोड़ रुपये और मार्च 2026 के लिए 12.12 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स निर्धारित किया गया है। इस तरह कुल टैक्स देनदारी 124.65 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
GST कानून की धारा 62 अधिकारियों को यह अधिकार देती है कि यदि कोई पंजीकृत करदाता समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करता है, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उसका टैक्स आकलन कर डिमांड नोटिस जारी किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है, तो उसके व्यवसायिक संचालन, टैक्स संग्रह और व्यावसायिक लेनदेन पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में अब सभी की नजरें स्पाइसजेट की अगली कार्रवाई और विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
