मोहर्रम का चांद आज, लखनऊ में शाही ज़री जुलूस की तैयारियां पूरी; नए इस्लामी साल की होगी शुरुआत

लखनऊ: मोहर्रम को लेकर राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। हिजरी कैलेंडर के अनुसार आज ज़िलहिज्जा महीने की 29 तारीख है और शाम को मोहर्रम का चांद देखा जाएगा। यदि चांद का दीदार हो जाता है तो कल से नए इस्लामी वर्ष की शुरुआत के साथ मोहर्रम का महीना शुरू हो जाएगा।

मोहर्रम इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक माना जाता है। यह महीना कर्बला की ऐतिहासिक घटना और हजरत इमाम हुसैन तथा उनके 71 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। इमाम हुसैन ने हक, इंसानियत और न्याय की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था, जिसकी याद में दुनिया भर के मुसलमान गम और श्रद्धा के साथ मोहर्रम मनाते हैं।

लखनऊ में मोहर्रम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। अज़ादार अपने घरों और इमामबाड़ों के लिए ताजिया, अलम और अन्य धार्मिक सामग्री की खरीदारी में जुटे हुए हैं। पुराने लखनऊ के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और इमामबाड़ों को सजाने का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है।

चांद दिखाई देने की स्थिति में कल लखनऊ में पारंपरिक शाही ज़री का जुलूस निकाला जाएगा। इस ऐतिहासिक जुलूस का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जिसमें बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल होते हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मोहर्रम केवल शोक का प्रतीक नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर भी है। इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देती है।

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