लखनऊ: मंगलवार को दारुलशफा स्थित नए विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरने के बाद नानकदीन भुर्जी की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब दो बजे वे बलिया के बेल्थरा रोड से भाजपा विधायक हंसूराम के सरकारी आवास पहुंचे थे। उस समय विधायक मौजूद नहीं थे। बताया गया कि उन्होंने वहां मौजूद हेल्पर से कॉफी मंगाई और कमरे में बैठ गए। लेकिन जब हेल्पर कॉफी लेकर लौटा तो कमरा खाली था। इसी बीच बाहर लोगों का शोर सुनाई दिया और नीचे जाकर देखा गया तो नानकदीन भुर्जी गंभीर हालत में पड़े मिले। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इस बीच मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब मृतक के छोटे भाई प्रदीप कुमार गुप्ता ने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर देकर विधायक के केयरटेकर मुहम्मद आरिफ पर हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रारंभिक जांच आत्महत्या की ओर संकेत कर रहे हैं। इसके बावजूद परिजनों की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
बुधवार सुबह मदेयगंज के खदरा स्थित आवास से नानकदीन भुर्जी की अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थक, भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पहुंचे। इस दौरान “नानकदीन भुर्जी अमर रहें” के नारों के बीच माहौल भावुक हो गया। अंतिम यात्रा शुरू होते ही उनकी पत्नी मंजू देवी बेसुध होकर गिर पड़ीं। मौजूद महिलाओं और परिजनों ने उन्हें संभाला और पानी पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य तथा सभी बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस संवेदनशील मामले की सच्चाई अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
