सबसे पहले अभिषेक चौहान के लापता होने का मामला सामने आया। नोएडा निवासी अभिषेक पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर गए थे और लौटते समय बागेश्वर जिले के दुर्गम क्षेत्र में अचानक लापता हो गए। कई दिनों से पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
इसी बीच उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैक से बबीता पांडे के गायब होने की खबर सामने आई। एमबीए की छात्रा और एक निजी कंपनी में कार्यरत बबीता अपने तीन दोस्तों के साथ रायथल गांव से ट्रैकिंग के लिए निकली थीं। बताया जा रहा है कि ट्रैक के दौरान वह अपने साथियों से अलग हो गईं और तब से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
बबीता की तलाश में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग, आईटीबीपी और सेना के जवान लगातार अभियान चला रहे हैं। घने जंगलों, गहरी खाइयों, दुर्गम गुफाओं और आसपास की झीलों तक में खोजबीन की जा रही है। पुलिस ने बबीता के साथ गए तीनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
उत्तरकाशी की एसपी कमलेश ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल दोनों मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ये किसी हादसे का परिणाम हैं, जंगली जानवरों का हमला है या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। पूरे उत्तराखंड की नजर अब इन दोनों गुमशुदगी के मामलों पर टिकी हुई है।
