दिल्ली: क्या आप पर्याप्त नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान, सुस्ती और नींद महसूस करते हैं? क्या काम में मन नहीं लगता और शरीर में हर समय ऊर्जा की कमी बनी रहती है? अगर हां, तो इसे केवल मौसम, व्यस्त दिनचर्या या काम के दबाव का असर समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार थकान और नींद आना कई बार शरीर में पोषण की कमी, खराब जीवनशैली या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
सबसे आम कारणों में पर्याप्त नींद न लेना शामिल है। एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद की आवश्यकता होती है। यदि नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर की ऊर्जा प्रभावित होती है और दिनभर थकान महसूस हो सकती है।
शरीर में आयरन, विटामिन B12, विटामिन D और फोलेट जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी लगातार कमजोरी और नींद का कारण बन सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को चक्कर आना, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और शारीरिक कमजोरी महसूस हो सकती है।
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी थकान के प्रमुख कारण हैं। तनाव का सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति पूरी रात सोने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं करता।
इसके अलावा शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी ऊर्जा स्तर को कम कर देती है। पर्याप्त पानी न पीने पर सिरदर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान की समस्या हो सकती है।
लंबे समय तक बैठे रहना और नियमित व्यायाम न करना भी सुस्ती को बढ़ाता है। वहीं थायरॉइड, एनीमिया, डायबिटीज और स्लीप एपनिया जैसी बीमारियां भी लगातार थकान और नींद आने का कारण बन सकती हैं।
इस समस्या से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त नींद लें, संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें, भरपूर पानी पिएं, नियमित व्यायाम करें और तनाव को नियंत्रित रखने का प्रयास करें। यदि इसके बावजूद लंबे समय तक थकान बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
