दिल्ली: मणिपुर के उखरुल जिले में रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब सैकड़ों तंगखुल नगा महिलाएं असम राइफल्स के जवानों और उनके वाहनों के सामने मानव दीवार बनकर खड़ी हो गईं। शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाके में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, महिलाएं मशालें और लाठियां लेकर असम राइफल्स की आगे बढ़ती टुकड़ियों को रोकने का प्रयास कर रही थीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने गांव की सहमति के बिना न्यू हेवन क्षेत्र में अस्थायी बंकर स्थापित किया, जो स्थानीय परंपराओं और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, हालात तब और बिगड़ गए जब कुछ महिलाओं ने सुरक्षा बलों के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि जवानों ने हवाई फायरिंग और बल प्रयोग किया, जबकि असम राइफल्स की ओर से सामने आए वीडियो में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पेट्रोल डालकर उन्हें जलाने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम में कम से कम 22 महिलाएं घायल हुई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक प्रदर्शनकारी के पैर में गोली लगने की भी खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद शोक्वाओ और न्यू हेवन क्षेत्र में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रदर्शनकारी महिलाएं असम राइफल्स की चौकी हटाने और जवानों की वापसी की मांग कर रही हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने भी मणिपुर में तैनात बलों को सशस्त्र उग्रवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यह घटना राज्य में पहले से मौजूद संवेदनशील हालात को और जटिल बना सकती है।
