Lucknow: लखनऊ के राजाजीपुरम सेक्टर-12 में शुक्रवार शाम उस वक्त बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक पुरानी पानी की टंकी अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के कुछ मिनट पहले ही वहां खेल रहे बच्चे दूसरी जगह चले गए थे। अगर बच्चे उस वक्त टंकी के नीचे मौजूद होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट की है। सेंट जेवियर्स स्कूल के पास विशाल सिंह के घर के सामने बनी करीब 1500 किलोलीटर क्षमता की ओवरहेड पानी की टंकी को तोड़ने का काम चल रहा था। इसी दौरान टंकी का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा।
टंकी का मलबा पास के एक मकान पर जा गिरा, जिससे घर का गेट, दरवाजे, एसी, चबूतरे और रैंप समेत कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी की जान नहीं गई।

स्थानीय पार्षद गौरी सांवरिया ने जलकल विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब दो साल से टंकी को तोड़ने का काम चल रहा था और ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया।
वहीं जलकल संस्थान के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि टंकी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, इसलिए उसे तोड़ने का काम कराया जा रहा था। उन्होंने लापरवाही के आरोपों की जानकारी से इनकार करते हुए मौके पर निरीक्षण करने की बात कही।
उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्यदायी संस्था मैसर्स जेएमवी एसोसिएट्स, कृष्णानगर द्वारा ध्वस्तीकरण कराया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, नुकसान का आकलन कराया जाएगा और प्रभावित भवन स्वामी को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
