Lucknow: लखनऊ के मलिहाबाद से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां छेड़छाड़ और धमकियों से परेशान 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 साल की छात्रा ने अपनी जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि बेटी को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था। पिता आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस थाने और चौकी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
घटना सोमवार की है। बताया जा रहा है कि छात्रा के पिता मजदूरी करते हैं। सोमवार सुबह वह अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ बाजार गए थे। दोपहर करीब 12 बजे जब परिवार वापस लौटा, तो छात्रा कमरे में अचेत अवस्था में मिली। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पिता का आरोप है कि इलाके का रहने वाला हंस कुमार करीब छह महीने से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। स्कूल आते-जाते उसके साथ छेड़छाड़ करता था। विरोध करने पर आरोपी ने 20 मई को पिता पर भी हमला किया था।
परिजनों के मुताबिक, 13 अक्टूबर को आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में उनके घर में घुस आया था। उस समय छात्रा घर में अकेली थी। आरोप है कि उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई और विरोध करने पर धमकी भी दी गई। इसके बाद से छात्रा डरी हुई थी।
मामले में पुलिस ने आरोपी हंस कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
वहीं, शुरुआती जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर चौकी प्रभारी विवेक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी उत्तरी ने मामले में पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं।
अब सवाल यह है कि अगर समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो क्या इस दुखद घटना को रोका जा सकता था?
