भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। बीजेपी ने तीसरी सीट पर महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर सियासी समीकरण बदल दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। इनमें दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। बीजेपी ने अपने पहले दो उम्मीदवारों के तौर पर तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के बाद अब चुनावी गणित और भी पेचीदा हो गया है।
कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खतरा
बीजेपी द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कई विधायक पार्टी लाइन से अलग जाकर मतदान कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 14 से 15 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं, जिससे पार्टी की एकमात्र राज्यसभा सीट भी खतरे में पड़ सकती है।
सूत्रों का दावा है कि यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो बीजेपी तीसरी सीट पर भी जीत दर्ज कर सकती है। इसी आशंका को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व सक्रिय हो गया है और विधायकों को एकजुट रखने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। पार्टी अपने विधायकों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने पर भी विचार कर रही है। इसी कड़ी में कई कांग्रेस विधायक दिल्ली पहुंचे हैं।
क्या कहते हैं विधानसभा के आंकड़े?
230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 228 विधायक ही राज्यसभा चुनाव में मतदान कर सकेंगे। दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है, जबकि विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते मतदान नहीं कर पाएंगे।
ऐसे में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 57 वोटों की आवश्यकता होगी। विधानसभा में बीजेपी के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। दो सीटें जीतने के बाद बीजेपी के पास करीब 50 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए पार्टी को अतिरिक्त सात वोटों की जरूरत होगी, जो संभावित क्रॉस वोटिंग की स्थिति में आसानी से मिल सकते हैं।
तीसरी सीट पर बीजेपी का फोकस
बीजेपी राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी की नजर तीसरी सीट पर टिकी हुई है। भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों और मंत्रियों की बैठकों का दौर जारी है।
बीजेपी विधायक आशीष शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों को अनुकूल बनाना बीजेपी की पहचान है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने तीसरा उम्मीदवार पूरी रणनीति के तहत उतारा है और जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।
उन्होंने कहा, “जिस तरह भगवान श्रीराम को केवट ने नदी पार कराई थी, उसी तरह महेश केवट बीजेपी की नैया पार लगाएंगे।”
डैमेज कंट्रोल में जुटी कांग्रेस
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व किसी भी तरह की टूट-फूट को रोकने के प्रयास में जुट गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विधायकों से लगातार संपर्क बनाए रखने और उनकी नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस विधायकों को तमिलनाडु या कर्नाटक शिफ्ट करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके अलावा पार्टी क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए सख्त रणनीति और आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है।
अब सभी की निगाहें 18 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि कांग्रेस अपनी एकमात्र सीट बचा पाती है या बीजेपी राज्यसभा की तीनों सीटों पर कब्जा जमाने में सफल होती है।
