लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर पद्मविभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और कथा श्रवण किया। सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
कथा के विश्राम दिवस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने नवधा भक्ति के अंतर्गत सख्य भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता भगवान के चरणों में अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को संगठित और जागरूक रहना होगा। साथ ही सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के नियमित पाठ का आह्वान करते हुए भारत को अखंड, अजेय और सार्वभौम बनाने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम भारत की सांस्कृतिक एकता का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने कहा कि राम केवल आस्था नहीं बल्कि राष्ट्र की चेतना हैं और हर भारतीय को जोड़ने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री ने संत परंपरा की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संत समाज सदैव राष्ट्र और लोककल्याण के लिए कार्य करता रहा है।
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन, नारी सम्मान और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए समाज को नकारात्मक शक्तियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
