न्यू दिल्ली : दिल्ली समेत देश के कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने ऐसे सात मोबाइल ऐप्स पर कार्रवाई शुरू कर दी है जिनका गलत इस्तेमाल करके चलते हुए ई-रिक्शा को बीच सड़क में रोका जा रहा था। आईटी मंत्रालय ने इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि कुछ प्लेटफॉर्म पर ये ऐप अभी भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि BAT-BMS, स्मार्ट BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कुछ शरारती तत्व ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे बंद करने के लिए कर रहे थे। इससे कई चालकों को बीच रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ा और इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए।
असल में जिन ई-रिक्शा में ब्लूटूथ सपोर्ट वाली लीथियम-आयन बैटरी लगी होती है और जिनकी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी BMS पर मजबूत पासवर्ड नहीं लगाया गया होता, वे इस खतरे की चपेट में आ सकते हैं। यही कमजोरी बदमाशों के लिए मौका बन गई। वे 10 से 15 मीटर की दूरी से बैटरी से कनेक्ट होकर उसे ऑफ कर देते थे। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सभी ई-रिक्शा इस खतरे में नहीं हैं। जिन वाहनों में पुरानी लेड-एसिड बैटरी लगी है या जिनकी लीथियम बैटरी मजबूत पासवर्ड से सुरक्षित है, उन पर इन ऐप्स का कोई असर नहीं पड़ता।
सबसे राहत की बात यह है कि इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और बड़ी कंपनियों के ईवी इस तरह के खतरे से सुरक्षित हैं क्योंकि उनके बैटरी सिस्टम में एडवांस एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी का इस्तेमाल किया जाता है। सरकार ने बैटरी निर्माताओं और डीलर्स को भी सलाह दी है कि सभी बैटरियों में यूनिक और मजबूत पासवर्ड अनिवार्य रूप से सेट करें। वहीं ई-रिक्शा चालकों को भी अपनी बैटरी की BMS सेटिंग्स की जांच कराने, डिफॉल्ट पासवर्ड बदलने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
