हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दौर बताया। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार ने सत्ता के अहंकार में संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती था, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और जनता की शक्ति ने अंततः लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि संविधान हत्या दिवस केवल अतीत की घटनाओं को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का भी दिन है। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान की बदौलत देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से भी लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने और संविधान के प्रति सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान सर्वोपरि है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद किया।
