विप्रो की पहली तिमाही में ₹3,352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा, ₹2 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

बिज़नेस: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून तक के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 3,352 करोड़ रुपये का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 0.6 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 3,330 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि मुनाफे में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन कंपनी का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा।

विप्रो का कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह वृद्धि सकारात्मक मानी जा रही है, लेकिन रॉयटर्स-एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार विश्लेषकों ने लगभग 24,776 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का अनुमान लगाया था। यानी वास्तविक आय अनुमान से कम रही। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी के ग्रॉस रेवेन्यू में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो स्थिर कारोबारी प्रदर्शन का संकेत देती है।

कंपनी ने अपने निवेशकों को भी खुशखबरी देते हुए प्रति इक्विटी शेयर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। यह फैसला उन शेयरधारकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है जो नियमित डिविडेंड आय की उम्मीद रखते हैं। इसके अलावा कंपनी का एट्रिशन रेट यानी कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर 13.9 प्रतिशत रही, जो आईटी सेक्टर में प्रतिभाओं को बनाए रखने की चुनौती को भी दर्शाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और आईटी सेवाओं की मांग में उतार-चढ़ाव के बावजूद विप्रो ने संतुलित प्रदर्शन किया है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी नए प्रोजेक्ट्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं और लागत नियंत्रण पर फोकस करते हुए बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। निवेशकों की नजर अब कंपनी के भविष्य के बिजनेस आउटलुक और अगले तिमाही के प्रदर्शन पर बनी रहेगी।

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