काला चना बना सस्ता सुपरफूड! जानिए इसके 8 बड़े फायदे, किसे नहीं खाना चाहिए?

अगर आप कम खर्च में सेहतमंद रहना चाहते हैं, तो काला चना आपकी डाइट का सबसे बेहतरीन हिस्सा बन सकता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार काला चना प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और कई जरूरी विटामिन्स व मिनरल्स से भरपूर होता है। यही वजह है कि इसे सस्ता सुपरफूड भी कहा जाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, काला चना लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही, पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।

काले चने में मौजूद आयरन और फोलेट शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होते हैं, जबकि प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती और रिकवरी में मदद करता है। कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि अंकुरित चना सबसे अधिक पौष्टिक होता है। वहीं उबला हुआ चना पचाने में आसान और भुना चना एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक माना जाता है।

हालांकि, जरूरत से ज्यादा चना खाने से गैस, पेट फूलना, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को गंभीर पाचन संबंधी दिक्कत, किडनी की बीमारी या किसी प्रकार की एलर्जी हो, उन्हें चना सीमित मात्रा में और डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से ही खाना चाहिए।

एक स्वस्थ वयस्क के लिए प्रतिदिन लगभग 30 से 50 ग्राम सूखा काला चना पर्याप्त माना जाता है।

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