New Delhi: नई दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां केंद्र सरकार ने Central Board of Secondary Education यानी CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया है। यह कार्रवाई ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बाद की गई है। सरकार ने इस पूरे मामले में टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। 
दरअसल, इस साल पहली बार CBSE की 12वीं की कॉपियां डिजिटल तरीके से चेक की गई थीं, लेकिन रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने नंबरों में गड़बड़ी की शिकायत की। इसी बीच रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत ने OSM सिस्टम में 15 खामियों का दावा किया और अपने रिसर्च के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्हें संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया, जो अपने आप में एक असामान्य घटना है। इस समिति की अध्यक्षता Digvijaya Singh कर रहे हैं।
वहीं, दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव का मामला भी सामने आया, जिनके फिजिक्स के नंबर री-इवैल्यूएशन में बढ़े और बोर्ड को अपनी गलती माननी पड़ी। इन घटनाओं के बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसी बीच, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की भी खबर आई है। बोर्ड के अनुसार, महज दो मिनट में 15 लाख से ज्यादा एक्सेस अटेंप्ट हुए और हजारों बार सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश की कोशिश की गई। हालांकि, सिस्टम ने काम करना जारी रखा और दोपहर तक हजारों छात्रों ने आवेदन कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने देश की परीक्षा प्रणाली और डिजिटल मूल्यांकन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
