उत्तर प्रदेश की सियासत में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। आजमगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता दोनों नेताओं को चुनाव में हराएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में ओवैसी पहुंचे थे। उन्होंने मंच से कहा कि बाबा अखिलेश यादव से अयोध्या आने की बात कह रहे हैं, जबकि वह योगी आदित्यनाथ को संभल आने की चुनौती दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को गोरखपुर जाने की बात कही। ओवैसी ने दावा किया कि उनकी पार्टी दोनों नेताओं को चुनावी मुकाबले में हराएगी।
अपने संबोधन में ओवैसी ने गांधी और नेहरू को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उनकी पार्टी किसी ऐसे व्यक्ति के पीछे नहीं चलेगी, जो खुद को गांधी या नेहरू जैसा नेता बताता है। उन्होंने युवाओं से अपनी राजनीतिक नेतृत्व क्षमता विकसित करने और वंचित लोगों की आवाज बनने की अपील की।
ओवैसी ने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और गरीबी जैसे मुद्दे भी उठाए। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के बजाय युवाओं को रोजगार, बच्चों को बेहतर शिक्षा और किसानों को सुविधाएं देने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि राजनीति में केवल नेताओं की सभाओं में नारे लगाने या दरी बिछाने से आगे बढ़ने का रास्ता नहीं बनता, बल्कि राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए सक्रिय भूमिका निभानी जरूरी है।
जनसभा में ओवैसी ने महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने युवाओं को शादीशुदा जीवन में प्यार जताने और दहेज जैसी कुप्रथाओं से दूर रहने की सलाह दी।
अब ओवैसी के इन बयानों पर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। उनके बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा का विषय बन सकते हैं।
