दिल्ली: इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी के 70 प्रतिशत हिस्से पर सैन्य नियंत्रण स्थापित करने का संकेत देकर एक नई बहस छेड़ दी है। वेस्ट बैंक में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल लगातार हमास पर दबाव बढ़ा रहा है और वर्तमान में गाजा के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर उसका नियंत्रण है। उन्होंने बताया कि पहले यह नियंत्रण 50 प्रतिशत था, जिसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है और अब लक्ष्य 70 प्रतिशत तक पहुंचने का है।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। समझौते के अनुसार इजराइली सेना को एक निर्धारित ‘येलो लाइन’ के पीछे हटना था, लेकिन हमास और कई अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का आरोप है कि इजराइल धीरे-धीरे अपने नियंत्रण क्षेत्र का विस्तार कर रहा है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान में गाजा के 60 से 64 प्रतिशत हिस्से पर इजराइली प्रभाव या सैन्य नियंत्रण मौजूद है।
इस संभावित विस्तार को लेकर मानवीय संकट की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। गाजा की लगभग 22 लाख आबादी पहले ही युद्ध, बमबारी और लगातार विस्थापन का सामना कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजराइल 70 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लेता है तो लाखों लोगों को बेहद सीमित भूभाग में रहने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। कई इलाकों में पहले से ही विस्थापित परिवारों के टेंट लगे हुए हैं और रहने की जगह की गंभीर कमी देखी जा रही है।
हालांकि युद्धविराम को सात महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन गाजा में हिंसा पूरी तरह नहीं थमी है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सीजफायर लागू होने के बाद भी सैकड़ों फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है। ऐसे में नेतन्याहू का नया आदेश क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को और जटिल बना सकता है तथा मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंकाओं को भी मजबूत कर रहा है।
