उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के सत्यापन को लेकर सख्त अभियान चलाया। इस दौरान डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने खुद हजरतगंज चौराहे पर चेकिंग की कमान संभाली। अभियान के दौरान एक ऑटो में तेज आवाज में फूहड़ और अश्लील गाने बजते मिले, जिससे महिला यात्री असहज महसूस कर रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने तत्काल वाहन को सीज करने के निर्देश दिए।
जांच में कई ऑटो और ई-रिक्शा बिना ‘सेफ राइड’ रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड के संचालित होते पाए गए। हजरतगंज में पकड़े गए एक ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं और चालक आवश्यक दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया।
अभियान के दौरान एक मानवीय तस्वीर भी सामने आई। सीज किए गए ऑटो से उतरी एक वृद्ध महिला को चलने में परेशानी हो रही थी। यह देखकर डीसीपी रवीना त्यागी ने स्वयं उन्हें सहारा देकर सड़क पार कराई, जबकि एक पुलिसकर्मी ने उनका सामान संभाला। बाद में महिला को दूसरे वाहन से उनके गंतव्य तक भेजा गया। इस व्यवहार की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
ट्रैफिक पुलिस के विशेष अभियान में बुधवार शाम तक कुल 125 ऑटो और ई-रिक्शा सीज किए गए, जबकि 1002 वाहनों के चालान किए गए। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले और बिना सत्यापन चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सीज किए गए वाहनों को वृंदावन कॉलोनी स्थित निर्धारित ग्राउंड में रखा गया है। वाहन मालिकों को तभी वाहन वापस मिलेंगे, जब वे ‘सेफ राइड’ परियोजना के तहत अपना और वाहन का सत्यापन पूरा कर लेंगे।
