कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतकर लौटीं दरोगा अस्मिता डे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत; बोलीं- मेरा लक्ष्य सिर्फ गोल्ड था

उत्तर प्रदेश: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का नाम रोशन करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा अस्मिता डे स्वदेश लौट आई हैं। मंगलवार देर रात जब वह स्कॉटलैंड के ग्लासगो से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूलों और नोटों की मालाएं, और समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। एक प्रशंसक ने उन्हें खुशी में कंधे पर भी बैठा लिया, जिस पर अस्मिता मुस्कुराते हुए बोलीं, “उतार दो, नहीं तो गिर जाऊंगी।”

मीडिया से बातचीत में अस्मिता ने कहा कि उनका लक्ष्य शुरू से ही गोल्ड मेडल जीतना था और उन्हें पूरा विश्वास था कि वह यह कर दिखाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत ने पहली बार जूडो में दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जूडो जैसे खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

31 जुलाई को अस्मिता ने फाइनल मुकाबले में कनाडा की खिलाड़ी हेडी क्वाच को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। जीत के बाद वह भावुक हो गई थीं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े थे।

त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली अस्मिता ने 2023 में स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में जॉइन किया था। नेशनल गोल्ड जीतने के बाद उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला और मार्च 2026 में वह दरोगा बनीं।

अस्मिता का सफर संघर्षों से भरा रहा। घुटने की गंभीर चोट और पिता के निधन जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वेट कंट्रोल के लिए महीनों तक मीठा छोड़ दिया और कड़ी मेहनत के दम पर आखिरकार कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।

Related posts