दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी छह दिवसीय विदेश यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार देर रात (भारतीय समयानुसार) पेरिस पहुंच गए। होटल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय मूल के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से हाथ मिलाया, बच्चों को दुलार किया और सभी का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान भारतीय समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला।
पेरिस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ लगभग 18 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक मंच पर तेजी से मजबूत हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी भविष्य में और अधिक मजबूत होगी। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वैश्विक नेताओं से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात और यूरोपीय आयोग के शीर्ष नेताओं के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं।
आज प्रधानमंत्री मोदी यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट Vivatech 2026 में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, साइबर सिक्योरिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। भारत का इंडिया पैवेलियन भी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण है, जहां भारतीय स्टार्टअप्स और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत G7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी बढ़ती भूमिका के कारण उसे लगातार विशेष आमंत्रित देश (Guest Nation) के रूप में बुलाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में सातवीं बार शामिल हुए हैं, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और प्रभाव को दर्शाता है।
