लखनऊ: कोरोना महामारी के बाद अब इबोला वायरस ने दुनिया भर में स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में संक्रमण के मामलों की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इबोला संक्रमण की आशंका को देखते हुए चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष स्वास्थ्य टीम तैनात की गई है। विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी और किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले व्यक्ति की तत्काल चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी।
संभावित मरीजों के उपचार और आइसोलेशन के लिए लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय में छह बेड आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दवाएं, सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) और अन्य चिकित्सकीय संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोकबंधु अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि अस्पताल में छह बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। चिकित्सा टीम को शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इबोला का कोई संदिग्ध मरीज सामने आता है तो इसकी सूचना तत्काल शासन और स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल लखनऊ में इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। बावजूद इसके वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा वायरल बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून, शारीरिक तरल पदार्थ या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने, स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
