Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। रहीमाबाद थाने में तैनात दरोगा गुड्डू प्रसाद पर एक बैंक धोखाधड़ी मामले की विवेचना के दौरान डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। आरोपों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दरोगा को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि यह मामला बैंक ऑफ इंडिया के गोल्ड लोन धोखाधड़ी केस से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विष्णु कुमार द्विवेदी का आरोप है कि उनके लापता भाई से जुड़े मामले में परिवार को राहत देने और विवेचना में नरमी बरतने के बदले दरोगा ने पहले दो लाख और बाद में डेढ़ लाख रुपये की मांग की। वीडियो में कथित तौर पर दरोगा कहते हुए सुनाई देते हैं कि अगर पैसा मिल गया तो वह आरोपी को तलाशने की कोशिश भी नहीं करेंगे और रिकॉर्ड में लिख देंगे कि वह नहीं मिला।
वीडियो में एक बिचौलिया भी दिखाई देता है, जो कथित रूप से रिश्वत की रकम पर बातचीत कराते हुए डेढ़ लाख से एक लाख रुपये में सौदा तय कराता नजर आता है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि दरोगा ने उसके बेटे को थाने लाकर मारपीट की और 25 हजार रुपये लेने के बाद छोड़ा। साथ ही परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता और जेल भेजने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि वायरल ऑडियो और वीडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
