बहराइच में दिल दहला देने वाला हादसा, मगरमच्छ ने 12 साल के मासूम को बनाया शिकार

उत्तर प्रदेश: बहराइच से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। घाघरा नदी के किनारे एक 12 साल का मासूम, जो अपने चाचा के साथ धान की रोपाई करने गया था, देखते ही देखते मगरमच्छ का शिकार बन गया। यह घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोग चाहकर भी बच्चे की जान नहीं बचा सके।

जानकारी के मुताबिक, धान की रोपाई का काम खत्म करने के बाद बच्चा नदी किनारे हाथ-पैर धो रहा था। तभी अचानक पानी से निकले एक विशाल मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसके पैर को अपने जबड़ों में जकड़ लिया। मासूम खुद को बचाने के लिए लगातार संघर्ष करता रहा। उसके चाचा ने उसे पकड़कर खींचने की कोशिश की, जबकि आसपास मौजूद ग्रामीण ईंट-पत्थर और लाठियां फेंककर मगरमच्छ को भगाने का प्रयास करते रहे। लेकिन मगरमच्छ ने बच्चे को कई बार पानी में पटकते हुए गहरे पानी की ओर खींच लिया। देखते ही देखते वह मासूम लोगों की आंखों के सामने नदी में समा गया।

घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घंटों तक बांस और टॉर्च की मदद से नदी में तलाश अभियान चलाया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मगरमच्छ बच्चे के शरीर के निचले हिस्से को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर चुका था।

बताया जा रहा है कि मृतक बच्चे के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह अपने चाचा के साथ रहकर जीवन बिता रहा था। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।

प्रशासन ने मामले की पुष्टि करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, एसडीएम ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। इस घटना के बाद घाघरा नदी के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग अब वन विभाग से मगरमच्छों के बढ़ते खतरे पर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी भयावह त्रासदी का सामना न करना पड़े।

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